MPL ने बेंगलुरू से दिल्ली में रजिस्टर्ड ऑफिस स्थानांतरित किया
फैंटेसी स्पोर्ट्स
लेखक: टीम G2G
हाल ही में, बेंगलुरू में स्थित रियल मनी गेमिंग ऑपरेटरों ने कर्नाटका पुलिस संशोधन विधेयक (जो बेटिंग और वाजिंग को रोकने के लिए बनाया गया है) के विवादास्पद प्रभावों के बाद अपने कार्यालयों को कम प्रतिकूल स्थानों में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। इनमें से एक प्रमुख कदम MPL (मोबाइल प्रीमियर लीग) द्वारा उठाया गया, जिसने हाल ही में अपनी रजिस्टर्ड ऑफिस लोकेशन को बेंगलुरू से दिल्ली के बाराखंबा रोड में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
MPL का इतिहास और विस्तार
MPL भारतीय फैंटेसी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसने अपनी सीरीज़ E राउंड में $150 मिलियन का निवेश जुटाया और अपने निवेशकों से एक मजबूत समर्थन प्राप्त किया। यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं को रियल मनी गेम्स और फैंटेसी स्पोर्ट्स खेलने का मौका देता है, जो बेहद लोकप्रिय हो गए हैं। MPL की सफलता ने इसे यूनिकॉर्न स्थिति में पहुंचाया है, एक ऐसी स्थिति जो भारतीय स्टार्टअप्स के लिए मान्यता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
जब कर्नाटका सरकार ने अपने राज्य में ऑनलाइन गेमिंग को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया, तो MPL ने अपनी ऑपरेशंस को तत्काल बंद कर दिया था, जो गेमिंग उद्योग के लिए एक बड़ा झटका था। ऐसा इसलिए था क्योंकि कर्नाटका पुलिस संशोधन विधेयक में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान था, जो खिलाड़ियों और ऑपरेटरों के लिए एक कठिन स्थिति पैदा कर रहा था।
कर्नाटका पुलिस संशोधन विधेयक
कर्नाटका पुलिस संशोधन विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग को प्रतिबंधित करना है, जो कि राज्य सरकार ने इस चिंता से संबंधित एक कड़ा कदम उठाया है कि इससे गरीब परिवारों के लिए मानसिक शांति और स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके। यह विधेयक ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर तीन साल की सजा और 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान करता है, जो बहुत सख्त माना जा रहा है।
हालांकि, यह कदम राज्य सरकार की ओर से गरीब परिवारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, लेकिन इससे राज्य के गेमिंग ऑपरेटरों पर बुरा असर पड़ा है। बेंगलुरू, जो अब तक भारतीय गेमिंग उद्योग का एक प्रमुख केंद्र रहा है, अब एक ऐसी स्थिति में है जहाँ गेमिंग कंपनियाँ अपने ऑपरेशंस को बंद करने या अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के बारे में सोच रही हैं।
MPL का दिल्ली में स्थानांतरण
MPL के लिए यह निर्णय बहुत महत्वपूर्ण था। यह कंपनी अब बेंगलुरू से दिल्ली में अपनी रजिस्टर्ड ऑफिस स्थानांतरित कर रही है। इसके साथ ही, MPL ने अपनी पूरी ऑपरेशनल पंक्ति और रणनीति को फिर से इस तरह से ढाला है, जिससे वे अपने उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुरक्षित और स्थिर सेवा प्रदान कर सकें। दिल्ली जैसे शहर में शिफ्ट होने से MPL को एक नए अवसर और राहत मिल सकती है, जहाँ ऑनलाइन गेमिंग को लेकर कुछ नियम और सीमाएँ थोड़ी लचीली हैं।
अन्य राज्य और कानून
कर्नाटका के अलावा, दक्षिण भारत के अन्य राज्य जैसे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल ने भी ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त कानून बनाए हैं। तमिलनाडु में, मद्रास हाई कोर्ट ने 1930 के तमिलनाडु गेमिंग एक्ट में संशोधन को खारिज कर दिया था, और केरल हाई कोर्ट ने सितंबर में ऑनलाइन रम्मी प्रतिबंध के नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में एक ऐतिहासिक निर्णय में फैंटेसी स्पोर्ट्स को कौशल खेल के रूप में मान्यता दी थी, जिससे इसे अन्य प्रकार के गेमिंग से अलग किया गया और इसने कई गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए रास्ता खोला। इस निर्णय से गेमिंग उद्योग को कुछ राहत मिली और यह स्पष्ट हो गया कि फैंटेसी स्पोर्ट्स भारत में एक कानूनी और स्वीकार्य व्यवसाय हो सकता है।
निष्कर्ष
हालाँकि MPL का बेंगलुरू से दिल्ली में स्थानांतरित होना और कर्नाटका के नए कानून का असर उद्योग पर पड़ना चिंता का विषय है, लेकिन गेमिंग उद्योग में बड़ी कंपनियाँ अपनी स्थिति को सुधारने और नए अवसरों के लिए अपनी रणनीतियाँ पुनः तैयार कर रही हैं। MPL का यह कदम न केवल खुद को सुरक्षा देने का एक प्रयास है, बल्कि यह देश में गेमिंग उद्योग के लिए संभावनाओं का नया रास्ता खोलने का संकेत भी है। —आज ही रजिस्टर करें